Saturday, July 19, 2014

Joy of sharing

थोडी खुशी थोडे गम ब़ाट ले,
जिवन का ये सफ़र ब़ाट ले़,

ना आयेंगे फीर ये पल जिवनमे,
वक्त से पहेले हर लम्हा ब़ाट ले,

घुंट घुंट के बहोत जी ली जिंदगी,
खुली हवा मे चल सांसे ब़ाट ले,

अधुरा न रहे अब कोई सपना,
देखे थे सारे वो ख्वाब ब़ाट ले,

तनहाईओ का सीलसीला कब तक?
मीलकर चलो अब जिंदगी ब़ाट ले।

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