Sunday, September 30, 2012

कभी तू सोचना..

तन्हाई मे कभी इस बारे मे तू सोचना,
साथ बिताए वो पल के बारे मे तू सोचना,

 
तेरी वो एक मुलाकात के
इंतज़ार मे गुजरती थी वो
पल पल मे सदिया..
कभी 'हा' कभी 'ना' कहके
तेरा वो मुजसे मिलना..
वो प्यार का मौसम..
वो बाते, मुलाक़ाते तू सोचना,


तन्हाई मे कभी इस बारे मे तू सोचना,

साथ बिताए वो पल के बारे मे तू सोचना,
 
ना मेने कहा, ना कभी तुमने सुना,
मेरी निगाहो की पहेलियाँ..
मेरी धड़कनो की दास्तां..
खामोशिया की वो ज़ुबाँ..
वो अनकहे से जज़्बात.
वो दिल -ए- बयाँ तू सोचना..


तन्हाई मे कभी इस बारे मे तू सोचना,

साथ बिताए वो पल के बारे मे तू सोचना,
 
कभी तेरा साथ साथ होना..
फिर अरसो तक न मिलना..
आज अपना, कल बेगाना कर देना,
तेरा बार बार यूँ रूप बदलना,
कर देता हे बेकरार दिल को..
मेरी बेताबीओ को कर महेसुस,
खुद को कभी मेरी जगह रख तू सोचना..


तन्हाई मे कभी इस बारे मे तू सोचना,

साथ बिताए वो पल के बारे मे तू सोचना,

Saturday, September 22, 2012

Shayarana

यूँ तुम जो मुस्कुरा जाते हो,
उल्जन इस दिल की बढ़ा जाते हो,

कभी पल मे बेगाना बनाते हो,
तो कभी सिने से लगा जाते हो,


प्याससे मर रहे थे हम,  तभी,
आके बूँद  पानी पीला जाते हो,

"विरल"




दिल की बेताबीओ को सुकुन मिल जाए,
भटकती ख्वाइसो को पनाह मिल जाए,

तू आके लगाले ज़रा गले से मूज़े,
मौत से पहेले थोड़ी जिंदगी मिल जाए.



"विरल"

तेरी खामोशी का मे क्या सबब लू?
उसे मोहब्बत समज़ू या,
तुज़से मूह मोड़ लू??


"विरल"

Saturday, September 15, 2012

Musafir

कहा जा रहा हू मे,
किस ओर मेरा मुकाम.
करू क्यूँ मे ये फिकर,
बस चलना  मेरा काम.


थोड़ी सी ज़मीन
थोड़ा सा आसमाँ,
ख्वाबो का सफ़र हो
सितारो का रासता,
ले लू खुशिया थोड़ी,
थोड़ी सी हसी साथ.

कहा जा रहा हू मे,
किस ओर मेरा मुकाम.
करू क्यूँ मे ये फिकर,
बस चलना  मेरा काम.
 



चल तू भी साथ मेरे,
बाँटेंगे मिलकर सब,
बिखरे सपनो को जोड़,
बनाएँगे फिर एक आशियाँ,
चल चले उस शहर,
जहा प्यार का हो जहाँ.

कहा जा रहा हू मे,
किस ओर मेरा मुकाम.
करू क्यूँ मे ये फिकर,
बस चलना  मेरा काम.

 
ना हे बहोत सी चाहते,
ओर ना ही हे रंजिशे,
एक छोटा सा दिल हे
ओर कुछ धड़कती ख्वाईशे.
मज़ा तो सफ़र का होता हे,
मंज़िल का तो सिर्फ़ हे नाम.

कहा जा रहा हू मे,
किस ओर मेरा मुकाम.
करू क्यूँ मे ये फिकर,
बस चलना  मेरा काम.


Thursday, September 6, 2012

बेबसी

खिड़की से  बाहर बरसती  इस बारिश को
देखता हूँ,
फिर ओफिस की दीवारे, छत ओर बेजान
फाइलो को देखता हूँ,
मचलती हे बहोत इस दिल की तमन्नाए
भी अभी,
फिर आह भर भर के अपनी बेबसी को
देखता हूँ.

Monday, September 3, 2012

Back to "बचपन"

मुज़मे और तुज मे भी कही छुपा होता हे..
आओ ढूँढे उसे..
एक बच्चा हर किसी मे होता हे...

वो बारिश का इंतजार..
फिर उसमे भीगना बेशुमार..
कागज की कश्ती को बहेते  हुए
यूँ देखते रहना..
पैरो से पानी मे छींटे उड़ाना..

चलो चले फिर उस राह पे..
जहाँ ना मंज़िल की फ़िक्र..
ना अंजान रस्तो का डर होता हे..

पेड़ो की शाखो पर ज़ुले बनाना,
खेत, नाले ओर नदिओ को टटोलना,
रेत, मिट्टी ओर पथरो से उलजना,
क्या खूब आता था तब जिंदगी जीना,

चलो चले फिर उन कहानियो मे,
जहा सहेजादो का डेरा ओर,
परिओ का बसेरा होता हे..

ना जाने कब बचपन पीछे छूटा..
मासूमियत से फिर नाता टूटा..
बड़े होने से क्यूँ इंसान बदलता हे..

चलो ढूँढे उसे..
एक बच्चा हर किसी मे छुपा होता हे..

'विरल'

Friday, August 31, 2012

can u do this..???

આવતા જતા જરા આમ મળતા રહો તો ઘણુ છે

હોઠોથી નઈ તો આંખોથી કહેતા રહો તો ઘણુ છે

બસ આમજ પ્રેમ ભાવ જતાવતા રહો તો ઘણુ છે

ક્યાં માંગુ છુ હુ જગા તમારા હિર્દય મા.

યાદોમા જરા વસાવતા રહો તો ઘણુ છે...!!!

"Viral"

Rain rain every wehere..

ભીની છે ધરતી ની ભીનુ ભીનુ છે આકાશ,
ચારે કૉર પાણી પાણી છતા મટે નહી પ્યાસ,

તન આખુ ભીંજાય પણ મનડુ તો કોરુ કટ,
વીરહ નો આ જાણે કેવો તે અભીશ્રાપ,

મોસમ વરસાદ ની આવે ને જાય,
બસ ના આવે ઍ હમસફર જેની છે આશ,

રાચે છે "રાહી" ખ્વાબોમા જ હજુ,
હકીકત નો જાણે ના કોઈ અવકાશ...


"વિરલ"

Wednesday, August 29, 2012

Basic instinct

मदहोश समा, बेखुदी मे आलम  सारा  होगा,
तेज़ धड़कने, सिर्फ़ सांसो का आना जाना होगा,

पानी की बूँदो से सजे गालो पर,
भीगी लटो का यूँ मंडराना..
उंगलिओसे हटा के उनको,
धिरेसे कानोके पीछे सरकाना..
लेके चेहरा इन हाथो मे,
बस यूही उसे देखते रहना..

रुका वक्त, थमा सा जग सारा होगा,
लम्हा वो हर लम्हो मे प्यारा होगा,

ज़ुकाके वो पलके अपनी,
मेरी आगोश मे यूँ समा जाना...
कभी शरमाना,
कभी दामन छुड़ाना..

कुछ नाकाम कोशिशे दोहराना,
फिर सिने से मेरे लग जाना..

कुछ कातिल अदाओ का नज़राना होगा,
हुस्न के जलवो पे 
फिर दिल हारा होगा..

दोनो के बीच सिर्फ़ खामोशी होगी,
धड़कनो से धड़कन..
सांसो से सांस की बाते होगी,
पल पल मे कई राहते होगी,
जिंदगी से
ना कोई ख्वाइशे होगी.

मदहोश समा, बेखुदी मे आलम  सारा  होगा,
तेज़
धड़कने, सिर्फ़ सांसो का आना जाना होगा,


'विरल'

Friday, August 24, 2012

soch

क्यूँ सोच मेरी बार बार
तेरी ओर मूड जाती हे?
खो जाता हू फिर मे
ये दुनिया भी थम जाती हे,

Friday, August 10, 2012

excitement


कल होगी मुलाकात उनसे,
सोच कर दिल यूँ मचलता हे,
बार बार देखता हू वक्त मे,
वो भी रुक रुक के आज चलता हे,

ना जाने कब आएगी वो घड़ी,
कब होगी इस रात की सुबहा,
सो भी ना पाउ अब तो में,
पल पल अब सदीओ सा लगता हे,

मे, वो ओर तन्हाई होगी,
वो इस कदर शरमाई होगी,
फिर सिमट जाएगी मेरी बाहों मे,
दिल भी न जाने क्या क्या सोचता हे,


"विरल"

Aarazu..!!


जब जब पास तू मेरे होता हे,
सच्चा कोई ख्वाब जेसे होता हे,

क्या मांगू अब उस रब से मे?,
जब तेरा होना ही सबकुछ होता हे,

तमन्नाए उठती हे कई इस दिल मे,
अल्फ़ाज़ से कुछ ओर ही बयाँ होता हे,

काश वो समज पाते ज़ुबा इन आँखो की,
कहेने को  फिर कहा कुछ  होता हे.

चलो मिटा दे अब ये फ़ासले हम,
दुरीओ से कहा  हासिल कुछ होता हे.

"विरल"

Wednesday, August 8, 2012

चाहता हु...!

आज मे खुदसे रूबरू होना चाहता हू,
मे अब बस "मे"  होना चाहता हू,

भूल गया हू मे पहचान खुदकी,
याद मे अब खुदको आना चाहता हू,

मिला लिए हाथ यहा बहोत लोगो से,
मिलाना अब दिल से दिल चाहता हू,

नफ़रतो की ज़ंज़ीरो से होकर जुदा,
प्यार के आसमामे अब उड़ना चाहता हू,

ना रहे शिकवे ना ही कोई रंजिश,
कुछ इस कदर अब जी जाना चाहता हू,

-विरल


Saturday, August 4, 2012

Friendship

The faith I have in you,
after God it must be you,
my heart rejoice & my soul delights,
the reason is you,
my friend, the reason is you...

yes, its you who brings

Joy when I am sad,
Console when I am broken,
accompanying in my sorrow,
smiles in my happiness.
where I could find a friend like you,
my friend, a friend like you..

At times we fight
,
we parted & united,
despite of differences
I would rely on you
yes friend, Its you,
on whom I can rely,
my friend, Its you...

Let me proclaim and say,

I am the most fortunate
to have friend like you,
a most wonderful relations,
that is attained by me & you.
my fried, by me and you...

My heart rejoice & soul delights,

The reason is you,
my friend the reason is you...

Tuesday, July 31, 2012

Prayer!!!!

हो दिन की शुरुआत जिससे,
और, ढले रात भी उसीसे,
हमारे सुखका हे जो साथी,
गम की भी हो बात उसीसे,

प्रार्थना...प्रार्थना....प्रार्थना

कहेते हे प्रार्थना उसे...
 
हमारे आत्मा की शक्ति वो,

मन की आँखो की दृष्टि वो,
जुड़े जो हमे खुदा से
हर एक बंदे की बंदगी वो

प्रार्थना...प्रार्थना....प्रा
र्थना
कहेते हे प्रार्थना उसे...

 
कोई हाथ उठाकर दुआ करता,

तो कोई सर ज़ुकाकर इबादत,
हर रीत का अंजाम तो एक ही,
इंसान की खुदा से मुलाकात,

प्रार्थना...प्रार्थना....प्रा
र्थना
कहेते हे प्रार्थना उसे...

Monsoon fever..!!

प्यार का मौसम बिता जाए,
सावन तू क्यूँ न आए?
दिल मेरा अब बैठा जाए,
सावन तू क्यूँ न आए?

मोहे आश पिया मिलन की,
इस मौसम मे वो मिल जाए,
करू शिकवे, शिकायत रबसे,
काहे वो सावन को न लाए?

प्यार का मौसम बिता जाए,
सावन तू क्यूँ न आए?
आसमामे काली घटा छाए,
सावन तू क्यूँ न आए?
 

मोर, पपिहरा, कोयल सब,
एक ही राग सुनाए,
सावन के इंतज़ार मे,
सब दुख के गीत गाए,

प्यार का मौसम बिता जाए,
सावन तू क्यूँ न आए?
बादल ही गरज गरज जाए,
सावन तू क्यूँ न आए?

अब ना होवे हे इंतज़ार,
मोरी धीरज तूटी जाए,
लेले अब तो प्राण मोरे,
पर ना मोहे यूँ तडपाए,

प्यार का मौसम बिता जाए,
सावन तू क्यूँ न आए?
गुलसन ने हे फूल सजाए,
सावन तू क्यूँ न आए?

Wednesday, July 4, 2012

Monsoon raga...!!

बारिश की मौसम से जुड़े
कुछ लम्हे यूँ बरसने लगे,

तन - मन को भिगोकर फिर
आँखो से बरसने लगे,

पानी पानी हर क़तरा यहा,
जाने फिर किसको हम तरसने लगे.

Tuesday, May 8, 2012

Express please..

क्यूँ तू खुद  को और  मूज़े  यूँ सताता हे,
जो हे दिल मे वो  क्यूँ  नही  जताता हे,
उमरभर ना सही, दो पल के लिए ही सही,
प्यार हे  मुजसे  ये  क्यूँ नही बताता हे.

Saturday, March 3, 2012

A simple wish..

चलो दो-चार मुलाक़ाते करते हे,
कुछ खट्टी कुछ मीठी बाते करते हे,

प्यार के ये पल यूँ ही न बीत जाए,
चलो इक़रारे महोबबत करते हे,

दो कदम तुम बढ़ाओ दो हम,
चलो अब कम ये फ़ासले करते हे,

मनाने रूठने को तो उम्र हे बाकी,
चलो पल-दो-पल पहेले प्यार करते हे.


-विरल

Tuesday, January 10, 2012

Journey saga..

जिंदगी के सफ़र मे कई लोग मिल जाते हे,
कुछ साथ चलते हे कुछ बिछड़ जाते हे,

चले थे वो भी दो कदम साथ हमारे,
थामा था हाथ, सपने थे कई संवारे,
मिल जाओगे आप ऐसे ये सोचा न था,
ख्वाब भी कभी कभी हक़ीकत बन जाते हे,

जिंदगी के सफ़र मे कई लोग मिल जाते हे,
कुछ साथ चलते हे कुछ बिछड़ जाते हे,

कहानी मे ये मोड़ भी तो आना था,
गम से जो हमारा नाता पुराना था,
साथ यूँ छूट जाएगा ये सोचा न था,
ख्वाब तो आख़िर मे तूट ही जाते हे.

जिंदगी के सफ़र मे कई लोग मिल जाते हे,
कुछ साथ चलते हे कुछ बिछड़ जाते हे,

Monday, January 9, 2012

Confusion??

पास होकर भी तू इतना दूर क्यूँ हे?
बिना बजह के ये फ़ासले से क्यूँ हे?
रोके हुए हे तूने वहा पे कदम अपने
जाने हम भी यहाँ पे ठहरेसे क्यूँ हे?