Sunday, December 25, 2011

Pyar ka Melaa..;-)

प्यार के एक लम्हे के तलबगार थे हम
वक़्त इतना दे जाओगे ये सोचा न था,
खुशी के चार पल ही काफ़ी थे दोस्त,
मौसम बहारोका दे जाओगे ये सोचा न था.

Wednesday, December 21, 2011

सुबह

सूरजकी पहेली किरनोसे नहाई हुई ये सुबह,
रात की ज़ुल्फो को अपने हसीन चहेरे से हटाती ये सुबह,
पंछीओ की चहेक ती सरगम पे थिरकती ये सुबह,
थोड़ी गर्म थोड़ी सर्द सांसो से मेरी रुह मे समाती ये सुबह,
अंगड़ाई लेती मस्ती से मेरी बाँहो मे यूँ लिपट जाती ये सुबह,
साथ पल दो पल का रोज निभा जाती हे ये सुबह,

Wednesday, December 7, 2011

Attitude..

मेरी महोब्बत को तूम युं ठुकराया ना करो,
हुस्न के दम पे हमे युं तडपया न करो.

तुजपे मरने वाले तो लाखो होगे ए हसीं,
तेरे लिए जिनेवाले को युं आज़माया ना करो.


-Viral