Friday, August 31, 2012

can u do this..???

આવતા જતા જરા આમ મળતા રહો તો ઘણુ છે

હોઠોથી નઈ તો આંખોથી કહેતા રહો તો ઘણુ છે

બસ આમજ પ્રેમ ભાવ જતાવતા રહો તો ઘણુ છે

ક્યાં માંગુ છુ હુ જગા તમારા હિર્દય મા.

યાદોમા જરા વસાવતા રહો તો ઘણુ છે...!!!

"Viral"

Rain rain every wehere..

ભીની છે ધરતી ની ભીનુ ભીનુ છે આકાશ,
ચારે કૉર પાણી પાણી છતા મટે નહી પ્યાસ,

તન આખુ ભીંજાય પણ મનડુ તો કોરુ કટ,
વીરહ નો આ જાણે કેવો તે અભીશ્રાપ,

મોસમ વરસાદ ની આવે ને જાય,
બસ ના આવે ઍ હમસફર જેની છે આશ,

રાચે છે "રાહી" ખ્વાબોમા જ હજુ,
હકીકત નો જાણે ના કોઈ અવકાશ...


"વિરલ"

Wednesday, August 29, 2012

Basic instinct

मदहोश समा, बेखुदी मे आलम  सारा  होगा,
तेज़ धड़कने, सिर्फ़ सांसो का आना जाना होगा,

पानी की बूँदो से सजे गालो पर,
भीगी लटो का यूँ मंडराना..
उंगलिओसे हटा के उनको,
धिरेसे कानोके पीछे सरकाना..
लेके चेहरा इन हाथो मे,
बस यूही उसे देखते रहना..

रुका वक्त, थमा सा जग सारा होगा,
लम्हा वो हर लम्हो मे प्यारा होगा,

ज़ुकाके वो पलके अपनी,
मेरी आगोश मे यूँ समा जाना...
कभी शरमाना,
कभी दामन छुड़ाना..

कुछ नाकाम कोशिशे दोहराना,
फिर सिने से मेरे लग जाना..

कुछ कातिल अदाओ का नज़राना होगा,
हुस्न के जलवो पे 
फिर दिल हारा होगा..

दोनो के बीच सिर्फ़ खामोशी होगी,
धड़कनो से धड़कन..
सांसो से सांस की बाते होगी,
पल पल मे कई राहते होगी,
जिंदगी से
ना कोई ख्वाइशे होगी.

मदहोश समा, बेखुदी मे आलम  सारा  होगा,
तेज़
धड़कने, सिर्फ़ सांसो का आना जाना होगा,


'विरल'

Friday, August 24, 2012

soch

क्यूँ सोच मेरी बार बार
तेरी ओर मूड जाती हे?
खो जाता हू फिर मे
ये दुनिया भी थम जाती हे,

Friday, August 10, 2012

excitement


कल होगी मुलाकात उनसे,
सोच कर दिल यूँ मचलता हे,
बार बार देखता हू वक्त मे,
वो भी रुक रुक के आज चलता हे,

ना जाने कब आएगी वो घड़ी,
कब होगी इस रात की सुबहा,
सो भी ना पाउ अब तो में,
पल पल अब सदीओ सा लगता हे,

मे, वो ओर तन्हाई होगी,
वो इस कदर शरमाई होगी,
फिर सिमट जाएगी मेरी बाहों मे,
दिल भी न जाने क्या क्या सोचता हे,


"विरल"

Aarazu..!!


जब जब पास तू मेरे होता हे,
सच्चा कोई ख्वाब जेसे होता हे,

क्या मांगू अब उस रब से मे?,
जब तेरा होना ही सबकुछ होता हे,

तमन्नाए उठती हे कई इस दिल मे,
अल्फ़ाज़ से कुछ ओर ही बयाँ होता हे,

काश वो समज पाते ज़ुबा इन आँखो की,
कहेने को  फिर कहा कुछ  होता हे.

चलो मिटा दे अब ये फ़ासले हम,
दुरीओ से कहा  हासिल कुछ होता हे.

"विरल"

Wednesday, August 8, 2012

चाहता हु...!

आज मे खुदसे रूबरू होना चाहता हू,
मे अब बस "मे"  होना चाहता हू,

भूल गया हू मे पहचान खुदकी,
याद मे अब खुदको आना चाहता हू,

मिला लिए हाथ यहा बहोत लोगो से,
मिलाना अब दिल से दिल चाहता हू,

नफ़रतो की ज़ंज़ीरो से होकर जुदा,
प्यार के आसमामे अब उड़ना चाहता हू,

ना रहे शिकवे ना ही कोई रंजिश,
कुछ इस कदर अब जी जाना चाहता हू,

-विरल


Saturday, August 4, 2012

Friendship

The faith I have in you,
after God it must be you,
my heart rejoice & my soul delights,
the reason is you,
my friend, the reason is you...

yes, its you who brings

Joy when I am sad,
Console when I am broken,
accompanying in my sorrow,
smiles in my happiness.
where I could find a friend like you,
my friend, a friend like you..

At times we fight
,
we parted & united,
despite of differences
I would rely on you
yes friend, Its you,
on whom I can rely,
my friend, Its you...

Let me proclaim and say,

I am the most fortunate
to have friend like you,
a most wonderful relations,
that is attained by me & you.
my fried, by me and you...

My heart rejoice & soul delights,

The reason is you,
my friend the reason is you...