तन्हाई मे कभी इस बारे मे तू सोचना,
साथ बिताए वो पल के बारे मे तू सोचना,
तेरी वो एक मुलाकात के
इंतज़ार मे गुजरती थी वो
पल पल मे सदिया..
कभी 'हा' कभी 'ना' कहके
तेरा वो मुजसे मिलना..
वो प्यार का मौसम..
वो बाते, मुलाक़ाते तू सोचना,
तन्हाई मे कभी इस बारे मे तू सोचना,
साथ बिताए वो पल के बारे मे तू सोचना,
ना मेने कहा, ना कभी तुमने सुना,
मेरी निगाहो की पहेलियाँ..
मेरी धड़कनो की दास्तां..
खामोशिया की वो ज़ुबाँ..वो अनकहे से जज़्बात.
वो दिल -ए- बयाँ तू सोचना..
तन्हाई मे कभी इस बारे मे तू सोचना,
साथ बिताए वो पल के बारे मे तू सोचना,
कभी तेरा साथ साथ होना..
फिर अरसो तक न मिलना..
आज अपना, कल बेगाना कर देना,
तेरा बार बार यूँ रूप बदलना,
कर देता हे बेकरार दिल को..
मेरी बेताबीओ को कर महेसुस,
खुद को कभी मेरी जगह रख तू सोचना..
तन्हाई मे कभी इस बारे मे तू सोचना,
साथ बिताए वो पल के बारे मे तू सोचना,
साथ बिताए वो पल के बारे मे तू सोचना,
तेरी वो एक मुलाकात के
इंतज़ार मे गुजरती थी वो
पल पल मे सदिया..
कभी 'हा' कभी 'ना' कहके
तेरा वो मुजसे मिलना..
वो प्यार का मौसम..
वो बाते, मुलाक़ाते तू सोचना,
तन्हाई मे कभी इस बारे मे तू सोचना,
साथ बिताए वो पल के बारे मे तू सोचना,
ना मेने कहा, ना कभी तुमने सुना,
मेरी निगाहो की पहेलियाँ..
मेरी धड़कनो की दास्तां..
खामोशिया की वो ज़ुबाँ..वो अनकहे से जज़्बात.
वो दिल -ए- बयाँ तू सोचना..
तन्हाई मे कभी इस बारे मे तू सोचना,
साथ बिताए वो पल के बारे मे तू सोचना,
कभी तेरा साथ साथ होना..
फिर अरसो तक न मिलना..
आज अपना, कल बेगाना कर देना,
तेरा बार बार यूँ रूप बदलना,
कर देता हे बेकरार दिल को..
मेरी बेताबीओ को कर महेसुस,
खुद को कभी मेरी जगह रख तू सोचना..
तन्हाई मे कभी इस बारे मे तू सोचना,
साथ बिताए वो पल के बारे मे तू सोचना,