Friday, April 10, 2015

मेरी हर रात तेरी झुल्फो के सायँ मे गुज़रे,
मेरी हर सुबह तेरी बाँहोकी पनाहों मे गुज़रे,

मेरी दुनिया तुजही से शुरू, तुजही पे ख़तम,
मेरा हर पल, हर लम्हा तेरे दीदार मे गुज़रे,

धड़कती रहे तू जिंदगी बनकर इस दिल मे,
मेरी हर सांस तेरे बदन की खुश्बू से गुज़रे,

कोई फरियाद नही खुदा से अब 'राही'
जिंदगी अब सारी शुक्रगुजारिश मे गुज़रे,


-विरल

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