Tuesday, July 31, 2012

Monsoon fever..!!

प्यार का मौसम बिता जाए,
सावन तू क्यूँ न आए?
दिल मेरा अब बैठा जाए,
सावन तू क्यूँ न आए?

मोहे आश पिया मिलन की,
इस मौसम मे वो मिल जाए,
करू शिकवे, शिकायत रबसे,
काहे वो सावन को न लाए?

प्यार का मौसम बिता जाए,
सावन तू क्यूँ न आए?
आसमामे काली घटा छाए,
सावन तू क्यूँ न आए?
 

मोर, पपिहरा, कोयल सब,
एक ही राग सुनाए,
सावन के इंतज़ार मे,
सब दुख के गीत गाए,

प्यार का मौसम बिता जाए,
सावन तू क्यूँ न आए?
बादल ही गरज गरज जाए,
सावन तू क्यूँ न आए?

अब ना होवे हे इंतज़ार,
मोरी धीरज तूटी जाए,
लेले अब तो प्राण मोरे,
पर ना मोहे यूँ तडपाए,

प्यार का मौसम बिता जाए,
सावन तू क्यूँ न आए?
गुलसन ने हे फूल सजाए,
सावन तू क्यूँ न आए?

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