हो दिन की शुरुआत जिससे,
और, ढले रात भी उसीसे,
हमारे सुखका हे जो साथी,
गम की भी हो बात उसीसे,
प्रार्थना...प्रार्थना....प्रार्थना
और, ढले रात भी उसीसे,
हमारे सुखका हे जो साथी,
गम की भी हो बात उसीसे,
प्रार्थना...प्रार्थना....प्रार्थना
कहेते हे प्रार्थना उसे...
हमारे आत्मा की शक्ति वो,
मन की आँखो की दृष्टि वो,
जुड़े जो हमे खुदा से
हर एक बंदे की बंदगी वो
प्रार्थना...प्रार्थना....प्रा र्थना
कहेते हे प्रार्थना उसे...
कोई हाथ उठाकर दुआ करता,
तो कोई सर ज़ुकाकर इबादत,
हर रीत का अंजाम तो एक ही,
इंसान की खुदा से मुलाकात,
प्रार्थना...प्रार्थना....प्रा र्थना
कहेते हे प्रार्थना उसे...
हमारे आत्मा की शक्ति वो,
मन की आँखो की दृष्टि वो,
जुड़े जो हमे खुदा से
हर एक बंदे की बंदगी वो
प्रार्थना...प्रार्थना....प्रा
कहेते हे प्रार्थना उसे...
कोई हाथ उठाकर दुआ करता,
तो कोई सर ज़ुकाकर इबादत,
हर रीत का अंजाम तो एक ही,
इंसान की खुदा से मुलाकात,
प्रार्थना...प्रार्थना....प्रा
कहेते हे प्रार्थना उसे...
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