Friday, May 31, 2013

khuda ki bekhudi ...

किसीसे खफा तो किसी पे महेरबान क्यूँ हे?
खुदा, तू मेरी खुशीओ से परेशान क्यूँ हे?

 हाल-ऐ-दिल क्या पता नही तुजे?
जानकर भी तू, इतना अंजान क्यूं है?



चंद लम्हे तो माँगे थे मेने खुशी के,
माँगा हो जहांन, एसे हेरान क्यूं हे?

 
असर नही मेरी दुआमे या तेरी हस्ती ही नही
टूटे सपने सारे, बिखरे से अरमान क्यूं हे ?


विरल - रिपल

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