- खुदसे तू आज ख़ुदको मिल लेने दे,
- खोया था मुद्दतसे उसे ढूंढ लेने दे।
- घूंटनसी होने लगी हे इस किरदार में,
- मुझसे ही अब मुजको छीन लेने दे।
- मोत तो मुकमल हे यहाँ सबकी "राही"
- दो जाम ज़िंदगी के आज पि लेने दे।
- थोड़ी अपने दिल की भी सुन ले ज़रा,
- जो मर्ज़ी चाहे आज वो कर लेने दे।
- छोड़ के गीले - सिकवे सारे आज तू,
- दिलो से दिल को आज मील लेने दे।
- बड़ी मुद्दतो के बाद आई हे शाम ये हसीन,
- होके बेफ़िक्र बेसुमार आज जी लेने दे।
-विरल दास
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