Monday, September 28, 2020

जी लेने दे...!

 - खुदसे तू आज ख़ुदको मिल लेने दे, 

- खोया था मुद्दतसे उसे ढूंढ लेने दे।

- घूंटनसी होने लगी हे इस किरदार में, 

- मुझसे ही अब मुजको छीन लेने दे।

- मोत तो मुकमल हे यहाँ सबकी "राही"

- दो जाम ज़िंदगी के आज पि लेने दे।

- थोड़ी अपने दिल की भी सुन ले ज़रा,

- जो मर्ज़ी चाहे आज वो कर लेने दे।

- छोड़ के गीले - सिकवे सारे आज तू, 

- दिलो से दिल को आज मील लेने दे।

- बड़ी  मुद्दतो के बाद आई हे शाम ये हसीन, 

- होके बेफ़िक्र बेसुमार आज जी लेने दे।   


-विरल दास

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