जब जब पास तू मेरे होता हे,
सच्चा कोई ख्वाब जेसे होता हे,
क्या मांगू अब उस रब से मे?,
जब तेरा होना ही सबकुछ होता हे,
तमन्नाए उठती हे कई इस दिल मे,
अल्फ़ाज़ से कुछ ओर ही बयाँ होता हे,
काश वो समज पाते ज़ुबा इन आँखो की,
कहेने को फिर कहा कुछ होता हे.
चलो मिटा दे अब ये फ़ासले हम,
दुरीओ से कहा हासिल कुछ होता हे.
सच्चा कोई ख्वाब जेसे होता हे,
क्या मांगू अब उस रब से मे?,
जब तेरा होना ही सबकुछ होता हे,
तमन्नाए उठती हे कई इस दिल मे,
अल्फ़ाज़ से कुछ ओर ही बयाँ होता हे,
काश वो समज पाते ज़ुबा इन आँखो की,
कहेने को फिर कहा कुछ होता हे.
चलो मिटा दे अब ये फ़ासले हम,
दुरीओ से कहा हासिल कुछ होता हे.
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