Friday, July 30, 2010

Shayarana..:-)

"मोत का खोफ़ नही हमे,
पर कतल् - निगाह से डरते हे!"

‎"सुनी सी इन तन्हाइयो मे ये आवाज़ कहा से हे आई, लगता हे आज फिर उनको याद हमारी हे आई. क्या सुनाए अब हाल ए दिल ए सनम, धड़कनो ने छेड़े साज़, सांसो ने सरगम हे गाइ."

"Viral"

दील की पुकार को सुनकर,
तेरा वो मुजसे मिलने आना,
अनकही बातों को जान कर,
धड़कनो की ज़ुबा समज पाना,
ये आलम था कभी हमारी महोबत का
अब हालात कूच ओर हे.....

"Viral"

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